टाइफाइड बुखार एक तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन है। जो टाइफाइड सोलमनिला टाइफी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह एक ऐसा रोग है जो संक्रमित व्यक्ति से एक स्वस्थ व्यक्ति में बहुत जल्दी फैलता है।
टाइफाइड बुखार की शुरुआत में पसीना, ठंड लगना, सिर दर्द होना, शरीर में दर्द गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी परेशानियों के कारण पेट में दर्द और सूखी खांसी हो सकती है। लेकिन अगर खानपान का पूरा ध्यान दिया जाए तो टाइफाइड से रिकवर होना काफी हद तक आसान हो जाता है।
टाइफाइड बुखार से बचने के लिए आपका खानपान सही होना चाहिए।
ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल होगा कि आखिर टाइफाइड में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं आइए जानते हैं।
टाइफाइड का डाइट प्लान क्या होना चाहिए ?
एक्सपर्ट्स की माने तो कच्चे फल और सब्जियों को खाने से इस दौरान बचना चाहिए। खासतौर से आप लेटस और जामुन जैसे फल जिन्हें छील नहीं सकते उनको खाने से परहेज करें। अगर आप फलों का सेवन करना चाहते हैं तो केला, एवोकाडो और संतरे को खा सकते हैं। टाइफाइड फीवर होने पर तेल और मसालेदार भोजन से परहेज करें। टाइफाइड में डाइजेस्टिव सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसे में आप खिचड़ी, दलिया, सूप, उबले चावल खा सकते हैं। इस दौरान कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थ लेना जरूरी है क्योंकि टाइफाइड बुखार के दौरान बॉडी का एनर्जी लेवल खत्म होता है। इसलिए खाने में फ्रूट कस्टर्ड, बॉयल्ड एग, शहद और उबले हुए चावल जरूर खाएं। टाइ फाइट के दौरान शरीर में पानी की बहुत कमी हो जाती है।
इससे आपको डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अधिक मात्रा में पानी या पेय पदार्थों का सेवन करना जरूरी है। आप पे पदार्थों में नारियल पानी, नींबू पानी, सूप और फलों के जूस का सेवन कर सकते हैं। वहीं टाइफाइड के दौरान नट्स, बीज, किनुआ जैसे साबुत अनाज, सूखे मेवे और कच्ची सब्जियां बिल्कुल भी ना खाएं। कुछ लोगों को चाय पीने की आदत होती है लेकिन ऐसे पे पदार्थों से भी बचकर रहे। वहीं इस दौरान आप ड्रिंक्स में नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं। और ज्यादा से ज्यादा पानी जरूर पिए।
(ये आर्टिकल में सामान्य जानकारी आपको दी गई है अगर आपको किसी भी उपाय को apply करना है तो कृपया Expert की सलाह अवश्य लें)
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