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दालचीनी के फायदे और नुकसान , Cinnamon Health Benefits and Side Effects



दालचीनी खाने में इस्तेमाल होने वाला बहुत ही गुणकारी मसाला है। यह खाने का जायका तो बढ़ाती ही है साथ ही बीमारियों को ठीक करने में भी मदद करती है। अधिकतर घरों में मसालों के रूप में ही इसे उपयोग किया जाता है लेकिन यह एक फायदेमंद औषधि भी है। आयुर्वेद के अनुसार दालचीनी के इस्तेमाल से कई रोगों का इलाज किया जा सकता है। 
दालचीनी के फायदे और नुकसान


आज हम जानेंगे दालचीनी के फायदे और इसके नुकसान 

सबसे पहले जानते हैं दालचीनी क्या है ?


दालचीनी का ट्रीज हमेशा हरा भरा तथा छोता होता है। उसके तने की छाल चुनकर सुखाई जाती है। उनका आकार कवेलू जैसा गोलाकार, जाड़ा, मुलायम तथा भूरे लाल रंग का होता है। दालचीनी की छाल जपात की वृक्ष छाल से अधिक पतली पीली और अधिक सुगंधित होती है। यह भूरे रंग की मुलायम और चिकनी होती है। आमतौर पर हम दालचीनी के एक ही प्रकार के बारे में जानते हैं जिसका उपयोग ड्रिंक्स, दाल और सब्जी तैयार करने में किया जाता है।

दालचीनी मुख्य रूप से दो तरह की होती है।


  1. आमतौर पर जो लकड़ी के रंग जैसी दालचीनी हमारे घरों में यूज होती है उसका टेस्ट अधिक तीखा होता है। इसे रेगुलर सिनेमन नाम से जाना जाता है। यह दालचीनी सुपरमार्केट और किराना शॉप्स पर आराम से मिल जाती है। 
  2. दूसरी तरह की दालचीनी को सिलोन नाम से जाना जाता है। इसका स्वाद कैशिया से लाइट होता है। 

अब जानते हैं दालचीनी के फायदे 


नंबर 1

पेट की समस्याओं से राहत दिलाता है। दालचीनी पेट की ज्यादातर समस्याओं को दूर करने में आपकी मदद करती है। इसका उपयोग सूजन, कब्ज और मतली से राहत के लिए किया जाता है। दालचीनी पेट के अल्सर को रोकने और भूख बढ़ाने में भी मददगार है। 

नंबर 2

डायबिटीज और ब्लड शुगर:- दालचीनी खाने के फायदे में डायबिटीज को नियंत्रित करना भी शामिल हो सकता है। मधुमेह के मरीज अगर दाल चीनी को आहार में शामिल करें तो मधुमेह को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। दरअसल इसमें एंटी डायबिटिक गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा एक अन्य शोध में बताया गया है कि दालचीनी में मौजूद पॉलीफेनॉल, सीरम ग्लूकोज और इंसुलिन को कम करके डायबिटीज के खतरे से बचाव कर सकते हैं।

नंबर 3

कैंसर में राहत:- दालचीनी कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करने और उसे फैलने से रोक सकती है। चूहों पर किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि इसमें कीमो प्रिंटिफाई गुण होते है। शोध के अनुसार दालचीनी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी, अपॉप्टोसिस इंड्यूस गतिविधि, एंटी प्रोलिफिक्स मिलकर कैंसर सेल्स के बनने की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करके उन्हें बढ़ने और बनने से रोक सकते हैं। 

नंबर 4

मोटापा दूर होता है। शरीर से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में दालचीनी काफी सहायक है। जिसकी वजह से मोटापे को कम करने में मदद मिलती है। आपको बता दें कि दालचीनी के अंदर पॉलीफेनॉल होता है। जो एक तरह एंटीन एक्सीडेंट होता है। यह आपके शरीर में इंसुलिन को बढ़ाता है। इंसुलिन के जरिए ही खून में ग्लूकोज नियंत्रित करने में मदद करता है। 

नंबर 5

गंजेपन या हेयर फॉल की समस्या में दालचीनी ही नहीं बल्कि इसके पेड़ की पत्तियां भी आपका ध्यान रख सकती हैं। अगर आप गंजेपन या हेयर फॉल की समस्या से परेशान हैं तो दालचीनी के पेड़ की पत्तियों का पेस्ट आपके लिए एक रामबाण इलाज हो सकता है। हालांकि अब तक इस पर शोध नहीं हुआ है। लेकिन जानकारों का मानना है कि इसके जरिए बालों को स्वस्थ रखा जा सकता है। 

नंबर 6 

मासिक धर्म की समस्याओं से राहत देता है। अभी हाल ही में किए गए एक रिसर्च से पता चला है कि दालचीनी का सेवन ना केवल मासिक धर्म में एनठन और दर्द को कम करता है बल्कि मासिक धर्म के दौरान होने वाली मतली को रोकने में भी सहायक है। 

नंबर 7


दिमाग के लिए दालचीनी के घरेलू उपाय को मस्तिष्क के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके मस्तिष्क को स्वस्थ बनाने का काम कर सकती है। न्यूरो इम्यून फार्माकोलॉजी जर्नल में 24 जून 2016 को ऑनलाइन प्रकाशित चूहों पर किए गए शोध के मुताबिक दालचीनी का सेवन याददाश्त को बढ़ा सकता है। साथ ही इससे जल्दी सीखने की क्षमता में भी वृद्धि भी हो सकती है। रिसर्च की माने तो यह दालचीनी का सेवन करने से उत्पादित होने वाले सोडियम बेंजोइक की वजह से हो सकता है। 

दालचीनी के भी कुछ नुकसान


  • दोस्तों जैसा कि किसी भी चीज का फायदे के साथ नुकसान होता है इसी तरह दालचीनी के भी कुछ नुकसान हैं। 
  • जैसे अगर आप दालचीनी का सेवन अधिक करते हैं तो इससे आपके शरीर में ग्लूकोज की मात्रा कम हो सकती है जीसे आप ऊर्जा हीन महसूस कर सकते हैं। 
  • लिवर संबंधित समस्याओं से जूझने वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करना चाहिए। 
  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को दालचीनी का सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे शिशु की जान भी जा सकती है। 
  • इसके अलावा ऐसे लोग जो खून पतला होने की दवाई का सेवन करते हैं उन्हें दालचीनी के सेवन से बचना चाहिए। 

दालचीनी का सेवन कैसे करें ?


दोस्तों अगर आप इसका सेवन करना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि यह भले ही कोई दवाई नहीं है लेकिन यह एक औषधि और मसाले के रूप में ही प्रयोग की जाती है। ऐसे में अगर आप दालचीनी का सेवन करते हैं तो केवल 0.1 mg से ज्यादा ना करें। अन्यथा यह आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकती है। 

(ये आर्टिकल में सामान्य जानकारी आपको दी गई है अगर आपको किसी भी उपाय को apply करना है तो कृपया Expert की सलाह अवश्य लें)

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