आजकल कम उम्र में कैंसर के काफी सारे केसेस देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में टी सीरीज के मालिक भूषण कुमार की चचेरी बहन और एक्टर, प्रोड्यूसर कृष्णा कुमार की बेटी तिशा कुमार का भी कैंसर की वजह से निधन हो गया। तिशा महज 21 साल की थी और लंबे वक्त से कैंसर की जंग लड़ रही थी।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इतनी कम उम्र में केवल तिशा को ही नहीं बल्कि भारत में भी कैंसर के मामलों में इजाफा हुआ है। कैंसर एक्सपर्ट्स का कहना है कि तंबाकू और स्मोकिंग का बढ़ता चलन पोल्यूशन प्लास्टिक, नाइट लाइफ, जंक फूड, हैवी मेटल्स इंडस्ट्री एक्सपोजर, कॉस्मेटिक का इस्तेमाल माइक्रोवेव जैसी चीजें उम्र से पहले ही लोगों को कैंसर का शिकार बना रही हैं।
कैंसर एक्सपर्ट डॉक्टर ने कहा कि जेनेटिक कारण से कैंसर होने का खतरा रहता है। यह माता-पिता में से किसी एक के जीन से बच्चे में आता है। ऐसे लोगों में कम उम्र में कैंसर होने की संभावना रहती है। लेकिन इसकी संख्या कम होती है।
डॉक्टर ने कहा कि 50 साल से कम उम्र में सबसे ज्यादा मुंह और गले का कैंसर बढ़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह गुटका तंबाकू का सेवन है। 12 से 15 साल के बीच के बच्चे गुटका चबाना शुरू करते हैं और 40 साल के आसपास आते-आते कैंसर के शिकार हो जाते हैं। कहीं से भी इस कैंसर की वजह जीन नहीं है। लंग्स और ब्रेस्ट कैंसर भी कम उम्र में हो रहा है। लंग्स अक्सर 60 साल के बाद ही खराब होते हैं। तभी किसी को लंग कैंसर होता था। अभी स्मोकिंग के अलावा प्रदूषण लंग कैंसर की बड़ी वजह बन रहा है। 50 साल से कम उम्र में लंग कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर काफी तेजी से बढ़ रहा रहा है। 5 से 10 पर मामले जेनेटिक वजह तो हैं लेकिन इसके अलावा बाकी लाइफस्टाइल की वजह से कैंसर हो रहा है।
इसके अलावा प्लास्टिक का सेवन भी एक बड़ी वजह है। डॉक्टर का कहना है कि प्लास्टिक के सेवन से निकलने वाला केमिकल एंडोक्राइन को डिस्टर्ब करता है। प्लास्टिक में पाए जाने वाला थैलिड और BSA स्ट्रोजोन को प्रभावित करता हैऔर इसकी वजह से ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर होता है।
इस के आलावा डॉक्टर ने कहा कि नाइट लाइफ भी कैंसर पैदा करता है यानी नॉर्मल साइकिल रात में सोना और दिन में जागने की बजाय जो लोग रात में जागते हैं और दिन में सोते हैं उनमें कैंसर का खतरा ज्यादा है। यूके में इस पर स्टडी भी हुई थी। अस्पतालों में जो नर्सेज रात में ड्यूटी करती थी और नॉर्मल नर्सेज जो दिन में काम करती थी दोनों में तुलना की गई तो रात में काम करने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा पाया गया।
भारत में कैंसर के क्या हालात हैं ?
आइए जानते हैं एम्स के कैंसर एक्सपर्ट्स डॉक्टर का कहना है कि भारत में वेस्टर्न कंट्रीज की तुलना में 10 साल पहले कैंसर का खतरा है। लाइफस्टाइल और एनवायरमेंट फैक्टर इसकी बड़ी वजह है। 30% कैंसर 40 साल की उम्र से पहले होता है और 70 % कैंसर 40 साल के बाद होता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। 40 साल से कम उम्र में लंग, माउथ, एंड नेक, ब्रेस्ट गॉलब्लेडर का कैंसर का खतरा ज्यादा होता है। और 50 से 60 साल के बाद प्रोस्टेट कैंसर का खतरा ज्यादा है।
इसके बड़े कारण भी हैं
प्रोसेस और पैक्ड फूड भी कैंसर का कारण है। हैवी मेटल्स पानी में पाया जा रहा है। मिट्टी, मछली, अनाज तक में यह मेटल मिलता है और अलग-अलग कैंसर का कारण बनता है। माइक्रोवेव में खाना बार-बार गर्म करना भी कैंसर का खतरा देता है। कॉस्मेटिक का इस्तेमाल होने वाले लेड और बाकी केमिकल्स कैंसर पैदा करते हैं और लोगों को इसकी भनक तक नहीं है। मोटापा हर बीमारी की जड़ है डायबिटीज से लेकर हार्ट की बीमारी और कैंसर की वजह भी इसमें शामिल है।
(ये आर्टिकल में सामान्य जानकारी आपको दी गई है अगर आपको किसी भी उपाय को apply करना है तो कृपया Expert की सलाह अवश्य लें)
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